उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर से 6 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट


डीके सिंह// नित्य समाचार (तहसील अध्यक्ष :-ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर से 6 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट 50 जिलों पर खतरा 10 में आकस्मिक बाढ़ की आशंका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ के बीच आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 से 6 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। इसके साथ ही 10 जिलों में आकस्मिक बाढ़ का खतरा भी बताया गया है। मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने संबंधित जिलों के प्रशासन को अलर्ट रहने और राहत-बचाव की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं।

योगी सरकार ने अधिकारियों से संभावित प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि बारिश या बाढ़ से हालात बिगड़ने की स्थिति में राहत कार्य शुरू करने में किसी तरह की देरी न हो और जरूरतमंद लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए। 50 जिलों में भारी बारिश की आशंका आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच और लखीमपुर खीरी समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है

इसके अलावा सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, एटा, कासगंज, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। 10 जिलों में आकस्मिक बाढ़ का खतरा बारिश के बीच सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशाम्बी में आकस्मिक बाढ़ की आशंका जताई गई है। प्रशासन को इन जिलों में नदी-नालों, निचले क्षेत्रों और जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।

अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश हैं। प्रभावित लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया है। वज्रपात को लेकर भी चेतावनी भारी बारिश के साथ प्रदेश के कई क्षेत्रों में वज्रपात का खतरा बना हुआ है। पूर्वांचल, मध्य उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, लखनऊ, अयोध्या, आगरा, कानपुर, झांसी और मथुरा समेत कई जिलों में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

शॉर्टलिस्ट मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी यूपी के क्षेत्रों में भी मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है। बाढ़ से पहले तैयारियों पर सरकार का जोर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत व्यवस्था का उद्देश्य केवल आपदा आने के बाद कार्रवाई करना नहीं बल्कि मौसम पूर्वानुमान के आधार पर पहले से तैयार रहना भी है। इसी के तहत जिला प्रशासन को संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी रखने के साथ नए मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। लोगों से भी नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और तेज बारिश के दौरान जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने तथा प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।


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