डीके// नित्य समाचार
(तहसील अध्यक्ष :-ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश)
कलेक्ट्रेट स्थित जनता दर्शन में फरियाद लेकर पहुंचे दो बेहद गरीब परिवारों के लिए जिलाधिकारी की संवेदनशीलता जीवनदायिनी साबित हुई। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड से दो मासूम बच्चों के इलाज के लिए 1-1 लाख रुपये के चेक सौंपे।
* रामपुर * कलेक्ट्रेट स्थित जनता दर्शन में फरियाद लेकर पहुंचे दो बेहद गरीब परिवारों के लिए जिलाधिकारी की संवेदनशीलता जीवनदायिनी साबित हुई। गंभीर और असाध्य रोगों से जूझ रहे दो मासूम बच्चों के इलाज में आड़े आ रही तंगहाली को देखते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने मौके पर ही चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक मदद स्वीकृत कर परिजनों को चेक सौंपे।
*अंतिम ऑपरेशन के लिए मिली 1 लाख की मदद, पहले भी मिले थे 1.25 लाख*
तहसील मिलक निवासी चांदनी गुप्ता की 10 वर्षीय पुत्री धेरवी जन्म से ही गंभीर बीमारी से जूझ रही है, जिसका जटिल उपचार मेडेसिया अस्पताल, मुरादाबाद में चल रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पहले ही अपनी सारी जमा-पूंजी इलाज में लगा चुका था। इससे पहले भी बच्ची के ऑपरेशन के लिए जिलाधिकारी ने 1.25 लाख रुपये की सहायता दिलाई थी। जनता दर्शन में पहुंची मां ने जब अंतिम और निर्णायक ऑपरेशन के लिए दोबारा गुहार लगाई, तो जिलाधिकारी ने तत्काल 1 लाख रुपये का अतिरिक्त चेक जारी कर दिया।
*दिल की बीमारी से जूझ रहे नवजात के लिए मसीहा बना प्रशासन*
तहसील सदर के ग्राम बकैनिया निवासी किरन पाल के नवजात बेटे को जन्म से ही गंभीर हृदय रोग ने घेर रखा है। शिशु का इलाज डॉ. रवि खन्ना न्यू बॉर्न चाइल्ड एंड क्रिटिकल केयर सेंटर, बरेली में चल रहा है। पिता ने इलाज का भारी खर्च उठाने में असमर्थता जताई। डीएम ने प्रकरण को संज्ञान में लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी को प्रोबेशन अधिकारी के जरिए जांच कराई। सत्यापन में परिवार की दयनीय स्थिति की पुष्टि होते ही डीएम ने 1 लाख रुपये का चेक सौंपा।
*जरूरतमंद बच्चों के इलाज का संबल बना चाइल्ड केयर फंड*
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड गंभीर बीमारियों से पीड़ित निर्धन परिवारों के लिए एक सशक्त माध्यम है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष तक की आयु के जरूरतमंद बच्चों को गंभीर बीमारी में समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराना है।
*बांदूराम के सपनों को मिले पहिए*
तहसील सदर के ग्राम भण्डपुरा निवासी दिव्यांग बांदूराम के लिए शारीरिक अक्षमता बड़ी बेड़ी बनी हुई थी। जिलाधिकारी ने उनकी पीड़ा सुनकर बिना देरी के उन्हें तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल भेट की!

