जनपद मुरादाबाद:-
सह-सम्पादक/ आर के कश्यप
अमरोहा:- गंगा एक्सप्रेस-वे पर मिट्टी डालने वाले दो ठेकेदार और दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पुलिसकर्मियों पर पीड़ित परिवार को धमकाने और एक लाख की रिश्वत लेने का आरोप है।
हसनपुर क्षेत्र के मंगरौला गांव में किसान वीर सिंह का परिवार रहता है। गांव के पास में गंगा एक्सप्रेस-वे निकल रहा है। एक्सप्रेस-वे पर मिट्टी डाली गई थी। नोएडा के रहने वाले ठेकेदार मुजाहिद चौधरी व अमजद ने रुखालू गांव निवासी वीरेंद्र गुर्जर के 18 बीघा खेत में नौ फीट गहरी मिट्टी उठाना तय हुआ था। मिट्टी छह हजार रुपये प्रति फीट उठानी तय हुई थी साथ ही खेत को समतल करना भी तय हुआ।
आरोप है कि ठेकेदारों ने खेत से मिट्टी तो उठा ली, लेकिन केवल 40 लाख रुपये ही दिए। जबकि, बकाया 56 लाख नहीं दिए। मांगने पर टालमटोल करने लगे। 30 अप्रैल को किसान वीरेंद्र गुर्जर ने रुपये मांगे तो मारपीट की। मामले में कोर्ट में एक मुकदमा वीर सिंह बनाम मुशाहिद चल रहा है। कोर्ट ने 12 नवंबर को ठेकेदार मुजाहिद को तलब किया था, जिससे नाराज होकर ठेकेदार मुजाहिद हल्का पुलिस से हमसाज होकर उनके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसने की धमकी देने लगे। साथ ही फैसला करने के लिए दबाव बनाया। पीड़ित ने 23 अक्तूबर को एसपी कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर हल्का दरोगा और कांस्टेबल शिवकुमार, सोनू की शिकायत की। पीड़ित गांव से पलायन करने को मजबूर है।
आरोप- बेटे को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी
किसान का आरोप है कि 28 अक्तूबर की वह दोपहर सीओ कार्यालय गए थे। तभी हल्का कांस्टेबल शिवकुमार व सोनू घर पर आए और उनकी पत्नी व बेटों को धमकाया। बेटों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। किसान की पत्नी से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। पुलिसकर्मी किसान के बेटों को साथ ले गए और दोपहर तीन बजे एक लाख रुपये लेकर उनके को छोड़ गए। शाम को किसान घर पहुंचा तो मामले की जानकारी हुई। आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले में पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। मामले में मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह ने मिट्टी ठेकेदार मुशाहिद चौधरी, अमजद, कांस्टेबल शिवकुमार व सोनू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए है और सात दिन में कार्रवाई रिपोर्ट कोर्ट में तलब की है।

