राशन दुकानों पर घटिया क्वालिटी का चावल खाने लायक नहीं


जनपद रामपुर 🇮🇳🇮🇳

नित्य समाचार👁👁

बिलासपुर 👉खाद्य विभाग के सरकारी राशन की दुकानों पर घटिया चावल-गेहूं मिलना, मिलावट, और भारतीय खाद्य निगम  के गोदामों में भ्रष्टाचार के कारण अनाज का खराब होना शामिल है, जिससे गरीबों तक पहुँचने वाला अनाज सड़ा-गला निकलता है और लोग बीमार पड़ते हैं,

घटिया गुणवत्ता: 

👉राशन दुकानों पर घटिया क्वालिटी का चावल और गेहूं मिलता है, जो खाने लायक नहीं होता।

अनाज का सड़ना:

👉भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण अनाज खराब हो जाता है, जिससे यह लोगों तक पहुँचने से पहले ही अनुपयोगी हो जाता है।

मिलावट और कालाबाजारी:

👉सस्ता अनाज खुले बाजार में बेचा जा रहा है और उसकी जगह खराब गुणवत्ता का अनाज या अन्य चीजें भर दी जाती हैं, जिससे बड़ा घोटाला होता है।

स्वास्थ्य पर असर:

👉सड़े-गले अनाज के सेवन से लोगों, खासकर ग्रामीण इलाकों में, कुपोषण और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

👉रामपुर जिले  की तहसील बिलासपुर में कई ग्रामीण इलाकों में राशन दुकानों के माध्यम से बांटे जा रहे चावल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

👉: ग्रामीणों में नाराजगी

👉स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें जो चावल राशन दुकानों से मिल रहा है, वह न केवल टूटे और बासी दानों से भरा होता है, बल्कि कई बार उसमें कीड़े और बदबू भी आती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह चावल खाने योग्य नहीं है, लेकिन गरीबी और मजबूरी के कारण वे इसे लेने पर विवश हैं।

👉राइस मिलर्स और गोदाम प्रभारी पर आरोप

ग्रामीणों और राशन दुकानदारों का आरोप है कि जिले में काम कर रहे कई राइस मिलर्स  और गोदाम प्रभारी मनमानी कर रहे हैं। सरकार की योजनाओं के तहत गरीबों और जरूरतमंदों के लिए भेजे जाने वाले अच्छे गुणवत्ता वाले चावल की जगह वे घटिया और खराब चावल सप्लाई कर रहे हैं। इससे न केवल ग्रामीणों का हक मारा जा रहा है, बल्कि सरकारी योजना की छवि भी खराब हो रही है।

👉स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के खराब और सड़े-गले चावल का सेवन लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है, ऐसे में घटिया अनाज मिलने से कुपोषण और बीमारियों का खतरा और बढ़ जाएगा।

👉ग्रामीणों का आरोप है 

इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

👉ग्रामीणों ने मांग की है कि-

तुरंत घटिया चावल की सप्लाई पर रोक लगाई जाए।

दोषी राइस मिलर्स और गोदाम प्रभारी पर सख्त कार्रवाई की जाए।

राशन दुकानों के जरिए केवल मानक गुणवत्ता वाला चावल ही उपलब्ध कराया जाए।


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