बिलासपुर मंडी में डीएम और एसपी ने मारा छापा, गेहूं खरीद केंद्रों पर मची खलबली


DK singh| नित्य समाचार👁👁, रामपुर

बिलासपुर 👉उत्तर प्रदेश का रामपुर जनपद अपनी उपजाऊ तराई बेल्ट के कारण कृषि क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की मिट्टी गेहूं और धान की उच्च गुणवत्ता वाली पैदावार के लिए विख्यात है। वर्तमान समय में जनपद के विभिन्न हिस्सों में गेहूं की सरकारी खरीद का कार्य प्रगति पर है और किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन ने कुल 114 क्रय केंद्र क्रियाशील किए हैं। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से तहसील समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी को कुछ केंद्रों पर तौल में अनियमिताओं और किसानों के शोषण की निरंतर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई और बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे धरातल पर उतरने का निर्णय लिया।

​जैसे ही जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा भारी पुलिस बल के साथ जनपद की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बिलासपुर मंडी पहुंचे, वहां मौजूद कर्मचारियों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया। अचानक हुई इस छापेमारी से क्रय केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिलाधिकारी ने सीधे उन कांटों का रुख किया जहां गेहूं की तौल की जा रही थी। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले और तौल में किसी भी प्रकार की घटतौली न हो सके। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रजिस्टर, स्टॉक की स्थिति और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की ताकि किसी भी तरह की कागजी हेरफेर को पकड़ा जा सके।

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी केवल कागजी कार्यवाही तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने वहां अपनी फसल बेचने आए किसानों से भी सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने किसानों से पूछा कि क्या उन्हें तौल के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है या किसी स्तर पर अवैध वसूली की जा रही है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने भी सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था के लिहाज से केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए। गहन पड़ताल और भौतिक सत्यापन के बाद जब सभी मानक सही पाए गए और किसानों ने भी व्यवस्था के प्रति संतोष व्यक्त किया, तब जाकर प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी केंद्र पर किसानों के साथ अन्याय हुआ, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।


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