डीके सिंह// नित्य समाचार रामपुर (तहसील अध्यक्ष:- ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, प्रदेश अध्यक्ष :-भारतीय किसान यूनियन अ टिकैत यूथ सभा, प्रदेश सचिव :-राष्ट्रीय अटल जनता पार्टी)
बिलासपुर👉उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर की तहसील बिलासपुर में अवैध सूदखोरी के धंधे का ऐसा मकड़जाल है, जिसमें फंसने के बाद बाहर निकल पाना मुश्किल है। सूदखोर छोटी सी रकम के बदले जरूरतमंद का मकान तो कब्जा ही लेते हैं, साथ ही उसकी इज्जत से भी खेल जाते हैं। लोग इन सूदखोरों के जाल में फंसकर अपना मकान और इज्जत गंवा चुके हैं। सूदखोरों की दबंगई के आगे पुलिस-प्रशासन भी बेबस है। दरअसल, साहूकारी का धंधा करने के लिए सरकार से लाईसेंस लेना पड़ता है, जिसमें सूद की प्रतिशत तय होती है और उससे ज्यादा ब्याज साहूकार नहीं ले सकता। बिलासपुर में साहूकारी का यह धंधा बड़े पैमाने पर अवैध रूप से चल रहा है। छोटे मोहल्लों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक में इन साहूकारों की पकड़ है। जरूरत के चलते लोग इन साहूकारों की शरण में जाते हैं और ब्याज पर इनसे रुपया हासिल कर लेते हैं, लेकिन साहूकारों से सूद लेने का खामियाजा उन्हें अपना मकान और इज्जत गंवाकर भुगतना पड़ता है। े
तहसील बिलासपुर में अवैध सूदखोरी का काम धड़ल्ले से चल रहा है। जिससे गरीब परिवार तबाह होने लगे हैं। खास तौर पर श्रमिक बस्ती के लोग और मध्यवर्गीय इनके चंगुल में फंसे हुए हैं। पीड़ितों के अनुसार माट खेड़ा रोड कैमरी रोड अस्पताल रोड नैनीताल रोड के व्यावसायी के द्वारा पिछले लंबे समय से अवैध रूप से ब्याज का व्यापार किया जा रहा है कमजोर तबके के लोगों को ब्याज में पैसे देकर उनके चेक और आधार कार्ड राशन कार्ड पासबुक और घर के दस्तावेज अपने पास जमा कर लेते हैं और 10 से लेकर 25 प्रतिशत ब्याज में राशि देते हैं। कुछ लोगों ने मार्केट में बड़े शानदार ऑफिस खोल रखे हैं जिनके द्वारा यह कार्य खुलेआम किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन के द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण इनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं जबकि तहसील बिलासपुर क्षेत्र में एक भी ब्याज खोरों का पंजीयन नहीं है।
नगर के विभिन्न व्यापारियों के द्वारा सिर्फ बयाज में लेन देन किए जाने की शिकायतें मिली हैं। प्रभावशाली होने की वजह से पुलिसिया कार्रवाई भी नहीं हो पा रही है जिसकी वजह से दर्जनों परिवार असमय बर्बाद हो रहे हैं,,गैर लाइसेंसी साहूकारों से लिया गया कर्ज माफ करने की घोषणा पूर्व में मुख्यमंत्री ने भले ही कर दी थी, लेकिन अवैध रूप से सूदखोरी का काम करने वाले लोगों पर इसका फर्क पड़ने की कम ही गुंजाइश है।
कई लोग ऐसे हैं जो दुकानदारों को खुलेआम ब्याज पर रकम उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं। लोगों को कर्जदार बनाकर मोटा ब्याज वसूलने का धंधा बिलासपुर में जोरों पर चल रहा है। हालात यह है कि सूदखोर लोगों को कर्ज देकर पचास प्रतिशत तक ब्याज वसूल कर रहे हैं, सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने के मामले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन पुलिस कुछ ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। कुछ मामले तो ऐसे भी हैं जिनमें ऋण मुक्ति अधिनियम की धारा के तहत भी कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऋणियों का संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं की।
सूदखोरों के द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने घर पहुंच कर गाली गलौज करने और गुंडागर्दी की वजह से पूर्व में एक नहीं अनेक मामले आत्महत्या किए जाने के आए हैं लेकिन किसी भी मामले में अब तक कार्रवाई नहीं किया गया है।बिलासपुर क्षेत्र में सूदखोरों के चुंगल में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं कड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण सूदखोरों के हौसले बुलंद हो चुके हैं।

