चड्ढा पेपर मिल से निकलने वाला प्रदूषित पानी जानवरों के लिए बना मौत का घर



चड्ढा पेपर मिल से निकलने वाला प्रदूषित पानी जानवरों के लिए बना मौत का घर……………………………..          राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की याद में मनाया जाता है, जब यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से निकलने वाली जहरीली गैस ने हजारों लोगों की जान ली थी, इस त्रासदी ने प्रदूषण और उसके खतरों के बारे में समाज में जागरूकता बढ़ाई, इस दिन का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण के महत्व को समझाना और पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से इसका खास महत्व है पर्यावरण दिवस के मौके पर चड्ढा पेपर मील से प्रदूूषित पानी के निकलने से जानवरों को नुकसान पहुंच रहा है व जानवर लगातार बीमार पड़ रहे हैं डांडिया वन के संरक्षित जानवर भी इसके गंदे पानी को पीकर मर रहे हैं इसके प्रदूषित पानी से होने वाली फसलों से भी मनुष्य को काफी नुकसान पहुंच रहा है  और कुपोषण का शिकार हो रहेे हैं  फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूूषित पानी की वजह से  ईसानगर लालपुर बंगाली कॉलोनी डांडिया गांव के आसपास के खेतों की पैदावार पर भी काफी असर पड़ रहा है जिससे किसानों को काफी नुकसान पहुंच रहा है ओर फसल भी  कुपोषित पेदा हो रही है इसकी लगातार शिकायत होने के बावजूद भी पर्यावरण अधिकारी एवं तहसील प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं


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