नित्य समाचार👁👁
जबलपुर के बरगी डैम से आई एक तस्वीर ने सबकी आँखों में आँसू ला दिए हैं। ये महज़ एक ख़बर नहीं, दिल को झकझोर देने वाली दास्ताँ है एक ऐसी माँ की, जिसने मौत के मुँह में खड़े होकर भी अपने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा।
क्रूज डूब रहा था, मौत सामने खड़ी थी, चारों तरफ़ चीख-पुकार मची थी। उस भयानक मंज़र में, जहाँ हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश में था, उस माँ के लिए सिर्फ़ उसके बच्चे की मुस्कान मायने रखती थी। वो चाहती तो ख़ुद को बचाने की कोशिश कर सकती थी, लेकिन उसकी ममता ने उसे ऐसा करने की इजाज़त नहीं दी।
वो अपने बच्चे को सीने से लगाए, लहरों से लड़ती रही। हर एक पल, जब तक उसकी साँसें चलती रहीं, उसने अपने बच्चे को सुरक्षित रखने की कोशिश की।
आज, जब हम ये ख़बर पढ़ रहे हैं, तो हमें उस माँ की ममता और उसके बलिदान की गहराई का अंदाज़ा नहीं है। हमें सिर्फ़ वो तस्वीर दिख रही है, जहाँ वो अपने बच्चे को गले लगाए हुए हमेशा के लिए सो गई है।
ये तस्वीर, ये दास्ताँ, हमें याद दिलाती है कि एक माँ का प्यार निस्वार्थ होता है वो अपने बच्चे के लिए कुछ भी कर सकती है, अपनी जान भी दे सकती है।
उस माँ को हमारा नमन! उनकी आत्मा को शांति मिले!

