डीके सिंह //नित्य समाचार
(तहसील अध्यक्ष:- ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश)
भाखड़ा वियर गेट के पास बंदा धंसा, डैम के टॉप में हुआ 7-8 फीट का गहरा होल
*बिलासपुर (नित्य समाचार)।* तहसील बिलासपुर मे
भाखड़ा वियर में संरचनात्मक खराबी के कारण मंगलवार दोपहर स्थिति बेहद गंभीर हो गई। वियर गेट के पास आई दरार और डैम के बढ़ते जलस्तर के दबाव में नहर पर बनी पुलिया अचानक धंस गई। पुलिया के ऊपरी हिस्से में करीब सात से आठ फीट गहरा होल हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बंदा धंसने की शुरुआत करीब एक पखवाड़ा पूर्व ही हो चुकी थी, लेकिन अब वियर गेट के पास दरार आने और पुलिया धंसने से खतरा बढ़ गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के लिहाज से रास्ता बंद कराया।

ऑटोमेटिक गेट बने डैम के लिए आफत
वर्ष 1922 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान निर्मित यह भाखड़ा वियर पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से 88 गांवों के किसानों की फसलों को सींच रहा है। ब्रिटिश इंजीनियरों ने इस प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया था कि उत्तराखंड के हरिपुरा जलाशय से जरूरत के अनुसार पानी छोड़ा जाए। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए डैम में लकड़ी के पटले इस्तेमाल किए जाते थे, ताकि पानी का दबाव एक सीमा से अधिक न बढ़े। हाल ही में 30 करोड़ रुपये की कायाकल्प परियोजना के तहत इन पटलों को हटाकर ऊंचे ऑटोमेटिक गेट लगा दिए गए।

ज्यादा पानी रोकने के उद्देश्य से ऑटोमेटिक गेट तो लगा दिए गए, लेकिन एक सदी पुराने बांध के ढांचे को मजबूत नहीं किया गया। ऑटोमेटिक गेट बंद होने से जलभराव का असामान्य दबाव सीधे कमजोर बंदे और वियर गेट पर आ गया

करीब 15 दिन पहले बंदे में दरार आने पर सिंचाई विभाग ने लकड़ी की बल्लियों और मिट्टी से भरे कट्टों की मदद से केवल औपचारिक लीपापोती की थी। पुख्ता तकनीकी मरम्मत के बिना पानी रोके रखने के कारण मंगलवार को आखिरकार वियर गेट के पास दरार आ गई और नहर की पुलिया धंस गई।
डैम के टॉप पर बड़ा गड्ढा बन गया है और नीचे से तेज पानी का बहाव हो रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। सूचना पाकर सिंचाई विभाग के अधिकारी और पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सुरक्षा को देखते हुए सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र में आवागमन बंद कराया।
*डीएम ने मौके पर पहुंचकर दिए निर्देश*
घटना की गंभीरता को देखते हुए *जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी* ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी।
डीएम ने बताया कि भाखड़ा डैम सिंचाई विभाग द्वारा बनाया गया है। डैम के टॉप में मिट्टी धंसने के कारण बड़ा होल हुआ है। उन्होंने कहा कि यह रास्ता आवागमन के लिए नहीं है, लेकिन घटना के बाद लोग कौतूहलवश इसे देखने के लिए पहुंच रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर लोगों को वहां जाने से रोका जा रहा है।
डीएम ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को प्रभावित क्षेत्र से दूर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा स्थिति का आकलन करने के बाद डैम के क्षतिग्रस्त हिस्से की धीरे-धीरे मरम्मत कराई जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
*ये अधिकारी रहे मौजूद*
मौके पर अपर जिलाधिकारी *डॉ. नितिन मदान*, एक्सईएन *नवीन कुमार*, उप जिलाधिकारी *आनंद कुमार कनौजिया*, तहसीलदार प्रशासन *अक्षय कुमार*, तहसीलदार न्यायिक *रजनीश सक्सेना*, पुलिस क्षेत्राधिकारी *हर्षिता सिंह*, खंड विकास अधिकारी *राजेश कुमार*, सहायक अभियंता *नंदलाल आर्या*, अवर अभियंता *वीर सिंह*, *अजलम हुसैन* सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

