डीके सिंह //नित्य समाचार
(तहसील अध्यक्ष- ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश)
बिलासपुर:- जिला रामपुर की तहसील बिलासपुर के सबसे व्यस्त चौराहे पर स्थित *पुराना अस्पताल, जिसके अंदर जच्चा-बच्चा केंद्र चलता है,* आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल कम, कूड़ाघर ज्यादा नजर आ रहा है। अस्पताल के चारों तरफ ऊंची घास और झाड़ियां उग आई हैं। परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियां जाम हैं, उनमें सड़ा पानी भरा है जिससे मच्छर और बदबू का अंबार है। बिल्डिंग की दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है, खिड़कियां टूटी हैं।
यह जच्चा-बच्चा केंद्र है। यहां रोज गर्भवती महिलाएं, गोद में बच्चे लिए माताएं आती हैं।
– परिसर में इतनी घास है कि महिला को अंदर जाने में डर लगता है कि कहीं सांप-बिच्छू न हो।
– बदबू और गंदगी के कारण गर्भवती महिलाओं को उल्टी और घुटन होती है।
– बैठने की कोई जगह नहीं, पीने का साफ पानी नहीं।
– मजबूरन मरीज नए अस्पताल या फिर महंगे प्राइवेट में जाने को मजबूर हैं।
. साफ-सफाई जीरो:*
स्वच्छ भारत मिशन के बड़े-बड़े बोर्ड तो लगे हैं, पर जमीनी हकीकत जीरो है। नगर पंचायत बिलासपुर की सफाई गाड़ी इस अस्पताल की तरफ आती ही नहीं। स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी झाड़ू तक नहीं लगाता। तहसील मुख्यालय पर ही ये हाल है तो गांवों का क्या होता होगा?
*स्थानीय लोगों में रोष:*
चौराहे के दुकानदार रामपाल ने बताया – “साहब रोज अफसर यहीं से निकलते हैं, सब देखते हैं पर कोई कुछ नहीं करता। चौराहे की शान होना चाहिए था, ये तो बदनुमा दाग बन गया है।”
भारतीय किसान यूनियन अमर टिकैत यूथ सभा के प्रदेश अध्यक्ष ने *जिलाधिकारी रामपुर और CMO रामपुर* से मांग की है कि चौराहे वाले इस पुराने अस्पताल / जच्चा-बच्चा केंद्र की तुरंत साफ-सफाई, घास कटाई अगर जल्द सफाई नहीं हुई तो किसान यूनियन धरना देने पर मजबूर होगी!

