जनपद उधम सिंह नगर 🇮🇳🇮🇳
नित्य समाचार👁👁
रुद्रपुर👉 नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर रुद्रपुर में आज आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। रामपुरा क्षेत्र से अटरिया माता मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और “जय माता दी” के गूंजते जयकारों के बीच यह यात्रा पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ी।
शोभायात्रा में आगे-आगे सुसज्जित रथ पर विराजमान मां गौरी की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। महिलाएं भक्ति गीतों और मंगलगान के साथ चल रही थीं, वहीं युवा वर्ग भी भजनों पर झूमता नजर आया। पूरे मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर देवी का स्वागत किया।
महागौरी पूजा का विशेष महत्व
महाअष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना, कन्या पूजन और भोग लगाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से निसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
मां महागौरी को श्वेत वृषभ (बैल) पर आरूढ़ माना जाता है और उन्हें वृषारूढ़ा भी कहा जाता है। चार भुजाओं में त्रिशूल, डमरू, अभय और वर मुद्रा के साथ वह अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने हलवा, पूड़ी, खीर, नारियल, फल और बताशे का भोग अर्पित किया।
यूपी से भी पहुंचे श्रद्धालु, दिखी सांस्कृतिक एकता
इस भव्य आयोजन में केवल रुद्रपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर से आए भक्तों ने शोभायात्रा में शामिल होकर आयोजन को और भव्य बना दिया।
इसके साथ ही पारंपरिक वेशभूषा में थारू समुदाय के लोगों की उपस्थिति ने सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत की। यह आयोजन सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

