तहसील बिलासपुर में इंडियन गैस सर्विस एजेंसी पर उपभोक्ताओं का भारी आक्रोश


जनपद रामपुर 🇮🇳🇮🇳

नित्य समाचार👁👁

बिलासपुर👉जिला रामपुर की तहसील बिलासपुर  में घरेलू गैस उपभोक्ताओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है. सुबह 6 बजे से कतारों में खड़े लोग, और खाली चूल्हों की तपिश ने जनता के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है. इंडिय गैस एजेंसी पर लगे धांधली और ब्लैक मार्केटिंग के आरोपों ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. आलम यह है कि सिलेंडर हाथ में आया नहीं और मोबाइल पर ‘डिलीवरी सक्सेसफुल’ के मैसेज आ रहे हैं-  एजेंसी पर गैस वितरण कर्मचारी दो या तीन दिन की तारीख देकर उपभोक्ताओं को मना कर देते हैं की गैस खत्म हो गई  एक-दो दिन में आएगी तब आपको मिलेगी और गैस वितरण कर्मचारियों गैस उपभोक्ताओं से कहते हैं की शहरी क्षेत्र वालों को 25 दिन के बाद गैस मिलेगी ग्रामीण क्षेत्र वालों को 45 दिन के बाद गैस मिलेगी यह खेल आखिर किसके इशारे पर हो रहा है?सुबह 6 बजे से भूखे-प्यासे कतार में सैकड़ों उपभोक्ता इस उम्मीद में खड़े हैं कि गैस की गाड़ी आएगी. आशा यादव ,परवेज , जमील ,सायरा बानो, परवीन ,जसवीर सिंह, करनैल सिंह, परमजीत कौर, रामनारायण जैसे कई लोग अपने  कामकाज को छोड़कर गैस एजेंसी पहुंचे, लेकिन दोपहर के 1 बजने के बाद भी गाड़ी का कोई अता-पता नहीं है. उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी संचालक सिर्फ ‘इंतजार करो’ का रटा-रटाया जवाब दे रहे हैं. लेकिन कब तक  गैस की गाड़ी आएगी यह नहीं बता रहे है कि वेट कितना करें. कई-कई घंटे बीत जाने के बावजूद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है. सभी उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार 2-3 दिन से हम चक्कर काट रहे हैं और गैस एजेंसी संचालक सुनने को तैयार नहीं है.एजेंसी संचालक पर लगाए गंभीर आरोप लगाया  और कहा एजेंसी पर काम करने वाले गैस वितरण कर्मचारी अपने-अपने घरों से सिलेंडर को ब्लैक में उपभोक्ताओं 2000 से 2500 रुपए तक दिनदहाड़े बेच रहे हैं इंडियन गैस एजेंसी के गैस वितरण कर्मचारी का घर से सिलेंडर देने का वीडियो वह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है फिर भी गैस एजेंसी संचालक और  खाद्य विभाग व स्थानीय प्रशासन मौन धारण किए देख रहे हैं कोई कानूनी कार्यवाही नहीं ऐसे में जनता किस शिकायत करें कोई उनकी सुनने वाला नहीं  खाद्य सुरक्षा विभाग राजस्थान में प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश भी हवा में उड़ा दिया जबकि उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का कहना है गैस की ब्लैक मार्केटिंग बंद होनी चाहिए अगर कोई गैस की ब्लैक मार्केटिंग करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए  फिर भी खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में बैठे ए सी और पंखे की हवा में मस्त है  और गैस उपभोक्ता बेचारे धूप की गर्मी और अपने घरों खाली चूल्हा सिलेंडरों की तपिश से त्रस्त है !

 


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