डी के सिंह// नित्य समाचार
(तहसील अध्यक्ष :-ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश)
*रामपुर।* वर्ष 2018-19 के दौरान जनपद रामपुर में सामने आए अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW), उत्तर प्रदेश ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित मुख्य आरोपी तत्कालीन वक्फ निरीक्षक रामसुमेर को गिरफ्तार किया है। EOW टीम ने उसे *16 सितंबर 2026* को इटावा से गिरफ्तार किया।
जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के परीक्षण में करीब *70 लाख रुपये* की छात्रवृत्ति राशि के कथित गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आया है।
*कैसे हुआ घोटाला?*
आरोप है कि मामले में शामिल लोगों ने जन-धन खाताधारकों को प्रलोभन देकर एकत्र किया और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं के नाम एवं विवरण का कथित कूटरचित या अनुचित इस्तेमाल कर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के तहत भेजी गई धनराशि का दुरुपयोग किया।
विवेचना में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, वक्फ निरीक्षक, मदरसा प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर और बैंक मित्र समेत कई लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
EOW के अनुसार मामले में करीब 70 लाख रुपये की छात्रवृत्ति धनराशि के गबन एवं दुरुपयोग की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों से हुई है। गिरफ्तार आरोपी रामसुमेर के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
*पहले भी रिश्वत लेते पकड़ा जा चुका है आरोपी*
EOW के अनुसार रामसुमेर को इससे पहले सितंबर 2025 में एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन, कानपुर की टीम ने 10 हजार की रिश्वत लेते हुए कथित रूप से रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

