डीके सिंह // नित्य समाचार 👁👁
तहसील अध्यक्ष :- ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश
*रामपुर :-* जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने प्रदर्शनी को रामपुर के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि साहित्यिक उद्धरण भाषा और संस्कृति की सीमाओं से परे मानवीय भावनाओं की समानता को दर्शाते हैं। मंडलायुक्त संगीता सिंह ने रज़ा लाइब्रेरी की ऐतिहासिक और वैश्विक महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे जीवंत सांस्कृतिक संस्थान के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कला एवं साहित्य से जुड़े कार्यक्रमों, हेरिटेज ट्रेल्स और रज़ा लाइब्रेरी स्ट्रीट’ जैसी पहल के सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि कला और कविता मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने के सशक्त माध्यम हैं तथा ऐसे आयोजन युवाओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करते हैं।प्रदर्शनी में रामपुर में जन्मे चित्रकार यासीन ख़ान की कलात्मक दृष्टि को केंद्र में रखते हुए कविता और चित्रकला के अनूठे संबंध को प्रस्तुत किया गया है। इसमें मिर्ज़ा ग़ालिब, रवीन्द्रनाथ टैगोर, पियर पाओलो पासोलिनी और फर्नांडो पेसोआ जैसे प्रतिष्ठित साहित्यकारों के विचारों एवं उद्धरणों को भी शामिल किया गया है। यासीन ख़ान की रामपुर से मुंबई, इटली और पेरिस तक की कलात्मक यात्रा भारतीय और यूरोपीय साहित्य एवं कला के संगम को दर्शाती है!
कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक एवं वरिष्ठ तकनीकी रेस्टोरर अरुण कुमार सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शाज़िया हसन ने किया। इस अवसर पर विद्वतजन, साहित्यप्रेमी, मीडिया प्रतिनिधि और सीआईएसएफ के सदस्य उपस्थित
प्रदर्शनी 15 से 28 अक्टूबर तक आमजन, साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला में रुचि रखने वालों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।

