*आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी* 


डीके सिंह// नित्य समाचार 👁👁

(तहसील अध्यक्ष ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश)

 

रामपुर:- *संतोषजनक आख्या न देने पर ईओ मिलक, बीडीओ बिलासपुर का वेतन काटने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश*

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की गहन समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा में कुछ प्रकरणों में संतोषजनक आख्या उपलब्ध न कराने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारी का तीन दिन का वेतन काटने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, अधिशासी अधिकारी, सिंचाई को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी, बिलासपुर का भी एक दिन का वेतन काटने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक आवेदन में उल्लिखित तथ्यों के आधार पर पात्रता की जांच गंभीरता से की जाए। केवल औपचारिकता पूरी करते हुए आख्या अपलोड न की जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने चौक मार्ग एवं सरकारी विभागों की भूमि पर कब्जे से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों में मौके पर जाकर स्थिति का परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार खरंजा, सड़क अथवा अन्य आवश्यक निर्माण कार्य कराते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता मौके पर दिखाई देनी चाहिए।

*शिकायतकर्ता से संपर्क कर करें समस्या का समाधान*

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विभागों में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं किया गया है, वहां संबंधित अधिकारियों को चेतावनी जारी की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर उसकी समस्या को समझना और समाधान की जानकारी देना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन ग्रामों से सर्वाधिक शिकायतें अथवा असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हो रहे हैं, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं पहुंचकर शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित करें। मौके पर समस्याओं का परीक्षण कर उनका समाधान कराया जाए तथा शिकायतकर्ता को निस्तारण की जानकारी भी दी जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा उच्च स्तर पर नियमित रूप से की जाती है, इसलिए अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता के आधार पर लें।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं जाना चाहिए। अधिकारी स्वयं रुचि लेकर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत में लापरवाही, शिथिलता अथवा गुणवत्ताविहीन निस्तारण पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण इस प्रकार किया जाए कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले और अनावश्यक रूप से उसे दोबारा शिकायत करने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभागों में आईजीआरएस शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चंद्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा सिंह, जिलाधिकारी वि./रा. आनंद कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


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