डीके सिंह // नित्य समाचार ( तहसील अध्यक्ष ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश)
* “डंडिया वन लुट रहा है!” बिलासपुर में वन माफियाओं का आतंक, दिनदहाड़े बाइक पर लकड़ी की तस्करी, वनकर्मियों पर मिलीभगत का गंभीर आरोप
*बिलासपुर रामपुर:* तहसील बिलासपुर में स्थित *डंडिया वन* अब वन माफियाओं की शरणस्थली बन गया है। यहां हरियाली को दिन-रात नीलाम किया जा रहा है।
बाइक सवार वन से काटी गई लकड़ी का गट्ठर लादकर सरेराह निकल रहा है। मानो कानून नाम की कोई चीज ही न हो।
*कैसे चल रहा है खेल?*
स्थानीय सूत्रों का कहना है मजदूरों से नर्सरी और बन में काम कराया जाता है उसके बदले में उनको मजदूरी न देकर वन विभाग के कर्मचारी उन्हें लकड़ी ले जाने के लिए कह देते हैं जिससे वह लोग वन कर्मियों के सामने ही दिन में ही कुल्हाड़ी और आरी से पेड़ काट लेते हैं। शाम होते ही बाइक, ठेलों तागे और साइकिल से लकड़ी टiलो की ओर रवाना हो जाती है।
गांव वालों का सीधा आरोप है कि इतनी बड़ी तस्करी *वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की “ऊपरी सेटिंग”* के बिना संभव नहीं है। आरोप है कि हर गट्ठर पर “हफ्ता” तय है। इसी वजह से वन विभाग की गाड़ियां भी आंख बंद करके निकल जाती हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर डंडिया वन इसी तरह लुटता रहा तो 2 साल में यहां रेत का मैदान रह जाएगा। वन्यजीव बेघर हो जाएंगे।
दिन में ही वन कटता है, शाम को बाइक पर बिकता है। जिम्मेदार कौन? *वन विभाग के ही कुछ लोग*।
डंडिया वन सिर्फ कागजों में बचा है?
*जनता की मांग:*
लोगों ने डीएफओ रामपुर से मांग की है कि तुरंत SIT बनाकर जांच कराई जाए। वन में 24 घंटे गश्त बढ़ाई जाए और मिलीभगत वाले वनकर्मियों को सस्पेंड कर जेल भेजा जाए!

